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“भारत में रॉयटर्स का एक्स अकाउंट ब्लॉक? अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं!”

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रॉयटर्स का एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक? अरे भई, ये क्या माजरा है?

अचानक ही आज सुबह से एक बड़ी खबर चल रही है – रॉयटर्स का एक्स (पहले वाला Twitter) अकाउंट भारत में चल ही नहीं रहा! सुबह 11:30 बजे तक की स्थिति यही है कि हम भारतीय यूजर्स इस अकाउंट को एक्सेस ही नहीं कर पा रहे। और सबसे हैरानी की बात? न सरकार की तरफ से कोई बयान, न ही किसी और अधिकारी ने कुछ कहा। सच में, ये पूरा मामला रहस्यमय बना हुआ है।

अब रॉयटर्स तो दुनिया भर में अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए मशहूर है ना? पर भारत में ये पहली बार नहीं हो रहा। पहले भी X/Twitter, Facebook जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई बार अकाउंट्स ब्लॉक हुए हैं। सच कहूं तो, पिछले कुछ सालों में सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों पर नए IT नियमों को लेकर काफी सख्त रुख अपनाया है। ये केस तो एक बार फिर सरकार और मीडिया के बीच की उसी तनातनी को दिखा रहा है।

दिलचस्प बात ये है कि रॉयटर्स का अकाउंट सिर्फ भारत में ही “अनुपलब्ध” दिख रहा है, बाकी देशों में सब नॉर्मल चल रहा है। मतलब साफ है – ये ब्लॉक सिर्फ हमारे यहां के लिए है। अब तक न तो Twitter ने कुछ कहा, न ही सरकार ने कोई कारण बताया। पर कुछ सूत्रों का कहना है कि शायद सरकार के आदेश पर ये ब्लॉक हुआ हो। पर सच्चाई क्या है? अभी तक पता नहीं चल पाया है कि ऐसा किसी खास रिपोर्ट या ट्वीट की वजह से हुआ है या नहीं।

इस पूरे मामले ने तो हर तरफ हलचल मचा दी है। मीडिया एक्सपर्ट्स तो यही कह रहे हैं कि अगर ये सरकारी आदेश से हुआ है, तो ये प्रेस की आजादी पर सीधा सवाल है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता तो वैसे ही जरूरी है जैसे शरीर के लिए ऑक्सीजन। वहीं दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर यूजर्स तो इसे सीधे-सीधे “सेंसरशिप” बता रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल भी सरकार से तुरंत जवाब मांग रहे हैं – क्योंकि पारदर्शिता तो होनी ही चाहिए ना?

अब सवाल ये उठता है कि आगे क्या होगा? अगर ये ब्लॉक सरकारी आदेश से हुआ है, तो हो सकता है कोई कोर्ट में चुनौती भी दे दे। और हां, जल्द ही रॉयटर्स या X (Twitter) की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट आ सकता है। एक बात तो तय है – इस मामले ने भारत में सोशल मीडिया रेगुलेशन पर बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। और वो भी ऐसे समय में जब देश में चुनावी माहौल गर्माने वाला है।

नोट: ये डेवलपिंग स्टोरी है, नई जानकारी आने पर अपडेट कर दिया जाएगा।

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Reuters का X अकाउंट ब्लॉक? – जानिए पूरा मामला

अरे भाई, कल रात से ही ट्विटर (अब X) पर हड़कंप मचा हुआ है! Reuters जैसे बड़े न्यूज़ अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया। सच कहूं तो मुझे भी पहले लगा कि कोई technical गड़बड़ होगी, लेकिन अब तक तो स्थिति वही है। तो चलिए, इसके पीछे के सवालों को समझते हैं…

1. भईया, Reuters का अकाउंट आखिर ब्लॉक क्यों हुआ?

सरकारी तौर पर तो अभी तक कुछ नहीं कहा गया। लेकिन जो गप्पें मार्केट में चल रही हैं, उनके मुताबिक शायद कुछ content guidelines का violation हुआ हो। पर सच्चाई? वो तो बाद में ही पता चलेगी। क्या पता, कोई बड़ी खबर छपने से रोकने की कोशिश हो? या फिर सच में ही कोई नियम तोड़ा गया हो?

2. ये ब्लॉकिंग permanent है या फिर थोड़े दिन की मेहमान?

असल में, यही सबसे बड़ा सवाल है! X वालों की तरफ से चुप्पी… Reuters वालों की तरफ से खामोशी… ऐसे में कुछ भी कहना मुश्किल। Temporary हो तो अच्छा, नहीं तो ये बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है। क्या आपको नहीं लगता?

3. क्या सरकार ने ये आदेश दिया है?

देखिए, कुछ ‘सूत्रों’ का कहना है कि IT मिनिस्ट्री की तरफ से निर्देश आया होगा। पर याद रखिए – अभी तक official कुछ भी नहीं। ऐसे मामलों में तो अक्सर leak ही सच साबित होते हैं, है ना? लेकिन जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालें।

4. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या स्थिति है?

यहाँ तो बवाल मचा है, लेकिन बाकी दुनिया में Reuters का अकाउंट बिल्कुल normal चल रहा है। अमेरिका, यूरोप – सब जगह कोई रोक-टोक नहीं। सिर्फ हमारे यहाँ ही ये समस्या। थोड़ा अजीब लगता है, है ना?

एक बात और – अगर आप VPN का इस्तेमाल करके देखेंगे, तो शायद अकाउंट दिख जाए। मैंने ट्राई किया था… और हाँ, काम कर गया! लेकिन ये तो temporary solution है। असली सवाल तो वही है – आखिर क्यों?

Source: Hindustan Times – India News | Secondary News Source: Pulsivic.com

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