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“TMC सांसद का ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित भाषण, संसद में मचा हंगामा!”

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TMC सांसद का भाषण: संसद में हंगामा, सोशल मीडिया पर तूफान!

अरे भई! संसद का शीतकालीन सेशन और बिना ड्रामा के? हो ही नहीं सकता! पश्चिम बंगाल की TMC सांसद सायोनी घोष ने तो इस बार पूरा बाजार गरम कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर पर उनका भाषण सुनकर तो सदन में ऐसा हंगामा हुआ, जैसे मैच के दौरान वानखेड़े स्टेडियम का माहौल हो। और सोशल मीडिया? वहाँ तो #SagnikGhosh और #OperationSindoor ट्रेंड करने लगे। असल में, ये पूरा मामला क्या है? चलिए समझते हैं…

पहले जानिए: ऑपरेशन सिंदूर क्या है?

देखिए, ऑपरेशन सिंदूर कोई नया नहीं है। भारतीय सेना का ये अभियान पूर्वोत्तर में चला था। पर सायोनी जी ने इसे “सैन्य दमन” बताकर सरकार को घेर लिया। सच कहूँ तो, ये उनकी पहली विवादित टिप्पणी नहीं है। पहले भी ये सरकार को चुनौती दे चुकी हैं। लेकिन इस बार बात कुछ ज्यादा ही गरम हो गई।

संसद में क्या हुआ?

अरे वाह! जो नज़ारा संसद में दिखा, वो किसी पार्लियामेंट्री ड्रामा से कम नहीं था। एक तरफ TMC सायोनी का समर्थन कर रही थी – “हमें सवाल पूछने का अधिकार है!” दूसरी तरफ BJP के नेताओं ने इसे “राष्ट्र विरोधी” तक कह डाला। सोशल मीडिया पर तो दोनों तरफ के समर्थक आमने-सामने थे। कुछ लोग सायोनी की हिम्मत की तारीफ कर रहे थे, तो कुछ उन पर देशद्रोह का इल्जाम लगा रहे थे। मजेदार बात ये कि ये सब 2024 के चुनावों से पहले हो रहा है। संयोग? शायद नहीं!

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: सब अपनी-अपनी रोटी सेक रहे हैं

TMC वालों का कहना है – “सरकार को जवाब देना चाहिए!” BJP वाले चिल्ला रहे हैं – “ये देश की एकता तोड़ रहे हैं!” कांग्रेस वाले? वो तो हर मौके पर अपना सलाद डाल ही देते हैं। उनका कहना है कि “ऐसे भाषणों से अंतरराष्ट्रीय छवि खराब होती है।” सच पूछो तो, सबको अपना राजनीतिक फायदा दिख रहा है।

अब आगे क्या?

देखिए, ये मामला अभी खत्म होने वाला नहीं। संसदीय समिति चर्चा करेगी, विपक्ष इसे और उछालेगा, और कुछ तो सायोनी के खिलाफ केस तक की मांग कर रहे हैं। 2024 के चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति और गरमा जाएगी – ये तो तय है। TMC और BJP के बीच की टकराहट तो पहले से ही चल रही थी, अब इसमें नया मसाला मिल गया है।

अंत में बस इतना – सायोनी घोष ने एक बार फिर साबित किया है कि संसद में सवाल उठाने का मतलब तूफान खड़ा करना है। ऑपरेशन सिंदूर पर बहस तो शुरू हो ही गई है, अब देखना ये है कि सरकार इस पर क्या जवाब देती है। और हाँ, 2024 के चुनावों तक ये मामला कितना बड़ा रूप लेता है – ये तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल तो पॉपकॉर्न लीजिए और शो देखिए… मतलब संसद की कार्यवाही!

TMC सांसद का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भाषण: जानिए क्या हुआ, क्यों हुआ और क्या होगा आगे?

1. भईया, ये ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भाषण आखिर था क्या?

देखिए, मामला कुछ ऐसा है – TMC के सांसद ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों की बात तो बिल्कुल सही उठाई। लेकिन…हमेशा की तरह एक ‘लेकिन’ तो होता ही है न? उनके कुछ शब्दों ने विवाद खड़ा कर दिया। और फिर क्या? संसद में वही झमेला शुरू हो गया। ऐसा लगा जैसे क्रिकेट मैच में कोई बाउंड्री मारते ही पूरा स्टेडियम खड़ा हो जाए!

2. राजनीति वाले भाई लोगों ने इस पर क्या रिएक्ट किया?

अरे, यहां तो दोनों तरफ से बयानबाजी शुरू हो गई! Opposition वालों ने तो पूरा DRAMA कर दिया – “असंसदीय भाषा!”, “तुरंत माफी मांगो!” वगैरह-वगैरह। वहीं TMC वाले अपने स्टाइल में बोले – “अरे भई, ये तो जरूरी बहस है महिलाओं के हक की!” सच कहूं तो…ये सब देखकर लगता है कि असली मुद्दा कहीं पीछे छूट गया।

3. ‘ऑपरेशन सिंदूर’…ये नाम ही इतना अजीब क्यों?

असल में ये कोई real operation नहीं है भाई। एक symbolic term है जो सीधे-सीधे उन विवाहित महिलाओं की तरफ इशारा करता है जो सिंदूर लगाती हैं। मतलब साफ है – दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, औरतों पर हो रहे जुल्म…ये सब उजागर करना। पर नाम सुनकर थोड़ा filmy जरूर लगता है, है न?

4. अब आगे क्या? कुछ action होगा या सब चुपचाप बैठ जाएंगे?

Speaker साहब ने तो कम से कम formality पूरी कर दी है। मामला संसदीय समिति के पास पहुंच गया है। अब वो जांचेंगे, रिपोर्ट देंगे…और फिर? वैसे तो हम सब जानते हैं न कि ऐसे मामलों का अक्सर क्या हश्र होता है। लेकिन चलिए, उम्मीद तो रखनी ही चाहिए!

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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