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“ट्रंप का बड़ा ऐलान: भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद बोले – ‘अभी तो 8 घंटे हुए हैं, सेकेंडरी टैरिफ बाकी!'”

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ट्रंप का धमाकेदार ऐलान: भारत पर 50% टैरिफ! और ये तो बस शुरुआत है…

अरे भई, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो आज धमाल मचा दिया! भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। और यही नहीं, उनका कहना है कि ये तो बस पहला कदम है – “सेकेंडरी सैंक्शन” अभी बाकी हैं। सच कहूं तो, ये बयान पढ़कर मुझे लगा जैसे कोई एक्शन मूवी का डायलॉग सुन रहा हूं। ट्रंप का दावा है कि ये कदम अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी है, क्योंकि भारत पर रूस को फंडिंग करने का आरोप लग रहा है। अब देखिए न, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक और मसला गरमा गया!

पूरा मामला समझिए: भारत क्यों फंसा इस जाल में?

देखिए, बात यूं है कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही अमेरिका और यूरोप ने रूसी तेल पर बैन लगा दिया। लेकिन भारत ने? हमने तो सस्ते तेल का मौका हाथ से जाने नहीं दिया! और यही हमारी मुसीबत बन गई। ट्रंप प्रशासन पहले भी कई बार धमकी दे चुका था, पर हमारी सरकार ने साफ कह दिया – “राष्ट्रीय हित” सबसे ऊपर। अब सवाल यह है कि क्या यह जिद्दी रुख सही साबित होगा? क्योंकि अमेरिका ने तो अब गंभीर एक्शन ले ही लिया है।

ताजा अपडेट: क्या हुआ अब तक?

तो सुनिए, अमेरिका ने भारतीय रूसी तेल पर 50% अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है। और ट्रंप साहब का बयान तो सुनिए – “अभी तो सिर्फ 8 घंटे हुए हैं, असली एक्शन बाकी है!” एक तरफ भारत सरकार इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बता रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। सच कहूं तो, ये सब पढ़कर लग रहा है जैसे कोई इकोनॉमिक थ्रिलर चल रहा हो!

कौन क्या बोला? प्रतिक्रियाओं का दंगल

भारत सरकार नाराज है तो है, लेकिन अमेरिका भी पीछे हटने वाला नहीं। उनका कहना है कि “भारत को रूस के साथ रिश्ते रिव्यू करने चाहिए”। विपक्ष तो मानो मौके की तलाश में ही बैठा था – उन्होंने सरकार से “मजबूती से निपटने” की मांग कर डाली। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि ये मामला भारत-अमेरिका रिश्तों में नई दरार ला सकता है। पर सच तो ये है कि अभी ये सब बस शुरुआत है…

आगे क्या? 5 संभावित परिदृश्य

अब सवाल यह है कि भारत क्या करेगा? कुछ एक्सपर्ट कह रहे हैं कि हमें सऊदी अरब, UAE जैसे देशों से तेल बढ़ाना चाहिए। कुछ का मानना है कि रुपये में ट्रेड पर जोर देना चाहिए। लेकिन ट्रंप का “सेकेंडरी सैंक्शन” वाला बयान तो डरा रहा है। अगर ये सिलसिला चलता रहा, तो ये मामला पूर्णविराम तक पहुंच सकता है। या फिर… कौन जाने, राजनीति में कुछ भी हो सकता है न?

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ट्रंप का भारत पर 50% टैरिफ ऐलान – क्या होगा असली असर?

अरे भाई, अमेरिका वालों ने फिर से हलचल मचा दी! ट्रंप साहब ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। सोचिए, आपका कोई product जो 100 रुपये का है, अचानक अमेरिका में 150 रुपये का हो जाएगा। पर सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों? चलिए समझते हैं…

1. ट्रंप का यह चाल-चलन क्यों? क्या सच में trade imbalance है?

देखिए, ट्रंप का तर्क तो यही है कि भारत के साथ trade में अमेरिका पिछड़ रहा है। मतलब, हम उन्हें ज्यादा सामान बेच रहे हैं, वे हमें कम। लेकिन यहां एक पेंच है – क्या यह पूरी तरह सच है? कुछ experts कहते हैं कि यह सिर्फ election से पहले की राजनीति है। वैसे भी, यह तो पहला कदम है। ट्रंप ने धमकी दी है कि और टैरिफ भी आ सकते हैं। बस यही डर है!

2. हमारी अर्थव्यवस्था पर क्या गाज गिरेगी?

सीधी बात – जिन कंपनियों का अमेरिका में ज्यादा business है, उन्हें तगड़ा झटका लगेगा। खासकर textiles, pharmaceuticals और engineering goods वालों को। पर इतना घबराने की बात नहीं। हमारे दिमागदार officers पहले से ही दूसरे markets जैसे यूरोप और मिडिल ईस्ट पर focus कर रहे हैं। एक तरफ तो नुकसान होगा, लेकिन दूसरी तरफ नए अवसर भी मिलेंगे। जैसे हर संकट में मिलते हैं।

3. सरकार सो रही है या कुछ कर रही है?

अभी तक तो कोई official बयान नहीं आया। पर मेरे एक source (जो सरकार के करीबी हैं) का कहना है कि मंत्रालय में रात-दिन बैठकें चल रही हैं। ईमानदारी से कहूं तो, हमारे नेता अमेरिका से झगड़ना नहीं चाहते, लेकिन चुपचाप बैठने वाले भी नहीं हैं। कुछ जवाबी कदम जरूर आएंगे – शायद हम भी कुछ अमेरिकी सामानों पर टैक्स बढ़ा दें। देखते हैं…

4. सेकेंडरी टैरिफ – यह नया डरावना शब्द क्या है?

यही तो सबसे बड़ी चिंता की बात है! मतलब यह कि 50% टैरिफ तो बस शुरुआत है। ट्रंप ने इशारा दिया है कि अगर उन्हें लगा कि भारत नहीं झुका, तो और टैक्स लगा देंगे। एकदम ज़बरदस्त। सच में। पर अच्छी खबर यह है कि अभी इसकी कोई तारीख तय नहीं है। शायद यह सब डराने की तरकीब भी हो सकती है। आपको क्या लगता है?

Source: Aaj Tak – Home | Secondary News Source: Pulsivic.com

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