अमित शाह के साथ संसद में हुई वो मशहूर मुलाकात – क्या है पूरा माजरा?
क्या आपने भी वो तस्वीर देखी जो पूरे सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है? जी हाँ, गृह मंत्री अमित शाह संसद परिसर में तीन लोगों के साथ गंभीर मुद्रा में बातचीत करते नजर आए। अब सवाल यह है – ये तीन चेहरे कौन हैं और इनके बीच क्या चल रहा था? खासकर तब, जब संसद का सत्र चल रहा है और कई अहम विधेयकों पर चर्चा बाकी है।
असल में, संसद में नेताओं का आपस में गप्पें मारना कोई नई बात नहीं। लेकिन यहाँ माजरा कुछ अलग है। तस्वीर में दिख रहे ये तीनों चेहरे उतने जाने-पहचाने नहीं हैं। तो फिर सवाल तो उठना ही था न? क्या ये सिर्फ एक रूटीन मीटिंग थी या फिर कोई चाल चल रही है? राजनीति में तो हर छोटी सी बात का बड़ा मतलब निकाला जाता है, है न?
जानिए कौन हैं वो तीन रहस्यमय शख्स?
जैसे-जैसे यह मामला गरमाया, तस्वीर वाले तीनों लोगों की पहचान सामने आने लगी। पहले शख्स तो एक क्षेत्रीय दल के नेता निकले, जिन्हें अभी-अभी राज्यसभा में जगह मिली है। दूसरे साहब गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। और तीसरे? वो तो शाह साहब के ही इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। अब आप ही बताइए, ये तिकड़ी इकट्ठा क्यों हुई होगी? सूत्रों की मानें तो इनमें आने वाले विधेयकों और राजनीतिक रणनीति पर बात हुई। पर यकीनन, अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राजनीति गर्माई – किसने क्या कहा?
इस एक तस्वीर ने तो सियासत की कैंटीन में तूफान ला दिया! विपक्ष वाले तो बिल्कुल भड़क गए – “ये क्या? संसद में चुपके से मीटिंग?” उनका कहना है कि ऐसी गुप्त बैठकें लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं। वहीं भाजपा वालों का जवाब – “अरे भई, नेता आपस में बात भी नहीं कर सकते क्या?” सोशल मीडिया पर तो माहौल और भी जोशीला है। कोई इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रहा है तो कोई बेकार का विवाद।
अब आगे क्या? क्या होगा अगला मूव?
अब सबकी नजरें इस पर हैं कि यह मामला किधर जाएगा। राजनीति के जानकारों का मानना है कि विपक्ष इसे संसद में उठा सकता है। हो सकता है गृह मंत्रालय कोई क्लैरिफिकेशन जारी करे। और तो और, कुछ एक्सपर्ट्स तो यहाँ तक कह रहे हैं कि यह 2024 के चुनावों से पहले गठबंधन राजनीति का संकेत हो सकता है। बड़ा दिलचस्प मोड़ आ सकता है!
अंत में बस इतना ही – यह मामला संसदीय लोकतंत्र में अनौपचारिक बातचीत की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े करता है। आगे क्या होगा, यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल, दिल्ली की सियासी गलियारों में यही चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। क्या आपको लगता है इसमें कोई बड़ी बात है, या फिर ये सिर्फ एक सामान्य मुलाकात थी? कमेंट में बताइएगा जरूर!
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com
