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हरिद्वार में कांवड़ियों का हंगामा! महिला पर हाथ उठाने और हाईकोर्ट के DJ बैन पर ज्वलंत खबर

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हरिद्वार में कांवड़ियों का हंगामा: महिला पर हमला और हाईकोर्ट का DJ बैन

क्या आपने हरिद्वार का वो वायरल वीडियो देखा? जी हां, वही जहां कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला पर भीड़ ने बेरहमी से हाथ उठाया। सच कहूं तो देखकर दिल दहल गया – सोशल मीडिया पर आग लगा दी इस घटना ने। और सिर्फ उत्तराखंड ही क्यों, पूरे देश में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कानून-व्यवस्था कहां गायब हो गई? वीडियो में साफ दिख रहा है कैसे कुछ लोगों ने उस औरत को धक्के मारे… मारपीट की… बिल्कुल जानवरों जैसा व्यवहार। अच्छा हुआ हाईकोर्ट ने तुरंत ध्यान दिया – DGP को तलब किया, पुलिस की लापरवाही पर सख्त सवाल उठाए। और सबसे बड़ी बात? कोर्ट ने कांवड़ यात्रा में DJ और शोर-शराबे पर रोक लगा दी। क्या ये पहला मौका है? बिल्कुल नहीं। लेकिन इस बार शायद कुछ बदले।

कांवड़ यात्रा: भक्ति या बदमाशी?

असल में देखा जाए तो कांवड़ यात्रा तो एक पवित्र रिवाज है ना? गंगाजल लेकर शिवजी के दर्शन तक की यात्रा… भक्ति का सागर। लेकिन पिछले कुछ सालों में क्या हुआ? जैसे कुछ लोगों ने इसे अपनी मस्ती का मौका समझ लिया। एक तरफ तो सच्चे भक्त हैं जो पूरे मन से यात्रा करते हैं, दूसरी तरफ ये गुंडे टाइप के लोग जिन्हें सिर्फ हंगामा करना आता है। और सबसे बुरा? महिलाओं पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। सच पूछो तो इस बार तो यात्रा शुरू होने से पहले ही प्रशासन को शक था कि कुछ गड़बड़ हो सकता है। और हुआ भी वही। है ना दुख की बात?

वायरल वीडियो: पुलिस की पोल खुली या नहीं?

अब बात करें उस वायरल वीडियो की जिसने सबका ध्यान खींचा। साफ दिख रहा था कैसे कुछ कांवड़ियों ने उस बेचारी औरत को टारगेट किया। पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ा जरूर… पर सवाल ये है कि क्या ये काफी है? गिरफ्तार किसे किया? कार्रवाई कितनी तेज? लोगों के मन में शक बना हुआ है। वहीं हाईकोर्ट ने जोरदार एक्शन लिया – न सिर्फ DJ और लाउडस्पीकर पर बैन लगाया, बल्कि अश्लील गानों पर भी रोक। कोर्ट ने पुलिस को साफ कह दिया – “अनुशासन बनाए रखो, वरना…”। एक तरह से अच्छा हुआ ना?

समाज की प्रतिक्रिया: गुस्सा, निराशा, उम्मीद

इस घटना ने सचमुच सबको हिला कर रख दिया। पीड़िता ने तो शिकायत दर्ज करा दी, पर उसकी आंखों में सवाल साफ पढ़े जा सकते थे – “सुरक्षा कहां थी?” राजनीति की दुनिया में भी तूफान आ गया। विपक्ष सरकार पर भड़क रहा है, सरकार अपनी कार्रवाई का बचाव कर रही है। और सामाजिक कार्यकर्ता? वे तो सड़कों पर उतर आए हैं – महिला सुरक्षा और यात्राओं में अनुशासन की मांग को लेकर। सच कहें तो ये सब देखकर लगता है कि अब बदलाव की गुंजाइश बन सकती है।

आगे क्या? बदलाव की उम्मीद?

हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब और कार्रवाई होगी ही। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि कांवड़ यात्रा के नियम कड़े होंगे। और सबसे जरूरी? महिला सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। कई संगठन तो महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती तक की मांग कर रहे हैं। सच पूछो तो ये घटना सिर्फ उत्तराखंड की नहीं, पूरे देश के लिए वेक-अप कॉल है। एक तरफ कानून-व्यवस्था की फेलियर दिखती है, तो दूसरी तरफ धार्मिक आयोजनों में सुधार की जरूरत। अब देखना ये है कि प्रशासन इससे सबक लेता है या नहीं। आपको क्या लगता है?

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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